ज्वालामुखी (Volcano) एवं भूकंप (Earthquake)

BPSC, UPSC, Bihar Daroga, BSSC, SSC एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए संपूर्ण अध्ययन सामग्री ( Volcano and Earthquake )
Series: Geography Series – Part 12
Previous Topic: Earth Structure, Latitude & Longitude, Motion of Earth
Current Topic: Volcano and Earthquake
Table of Contents ( Volcano and Earthquake )
- परिचय
- प्रमुख Abbreviations
- ज्वालामुखी (Volcano) क्या है?
- Volcano के भाग
- ज्वालामुखी बनने की प्रक्रिया
- ज्वालामुखी के प्रकार
- विश्व के प्रमुख ज्वालामुखी
- भारत एवं ज्वालामुखी
- ज्वालामुखी के लाभ एवं हानियाँ
- भूकंप (Earthquake) क्या है?
- कारण
- प्रमुख शब्दावली
- भूकंपीय तरंगें (Seismic Waves)
- रिक्टर स्केल एवं मरकेली स्केल
- भूकंप के प्रकार
- विश्व के प्रमुख भूकंप क्षेत्र
- India के Seismic क्षेत्र
- बिहार और भूकंप
- भूकंप के प्रभाव
- भूकंप से बचाव के उपाय
- Volcano vs Earthquake
- Key Points for Exams
- BPSC Previous Year Questions (PYQ)
- BPSC Expected Questions with Answers
- MCQs Practice Set
- निष्कर्ष

परिचय | Introduction
English Explanation:
Volcanoes and earthquakes are two important natural phenomena associated with the internal forces of the Earth. Both are closely related to the movement of tectonic plates and the dynamic nature of the Earth’s interior. Volcanoes occur when molten material, gases, and ash reach the Earth’s surface through cracks or openings, while earthquakes occur due to the sudden release of energy within the Earth’s crust.
For BPSC aspirants, the study of volcanoes and earthquakes is important because questions can be asked about their causes, types, distribution, effects, important examples, and relationship with plate tectonics.
हिंदी व्याख्या:
ज्वालामुखी और भूकंप पृथ्वी की आंतरिक शक्तियों (Internal Forces) से संबंधित दो महत्वपूर्ण प्राकृतिक घटनाएँ हैं। दोनों का संबंध मुख्य रूप से टेक्टोनिक प्लेटों की गति (Movement of Tectonic Plates) और पृथ्वी के आंतरिक भाग में होने वाली गतिविधियों से है।
जब पृथ्वी के अंदर मौजूद मैग्मा (Magma), गैस और राख दरारों या किसी छिद्र के माध्यम से सतह पर बाहर निकलते हैं, तो ज्वालामुखी विस्फोट हो सकता है। दूसरी ओर, पृथ्वी की भूपर्पटी के अंदर संचित ऊर्जा के अचानक मुक्त होने से भूकंप (Earthquake) उत्पन्न होता है।
BPSC की तैयारी के लिए ज्वालामुखी और भूकंप के कारण, प्रकार, वितरण, प्रभाव, प्रमुख उदाहरण तथा प्लेट विवर्तनिकी से संबंध को समझना महत्वपूर्ण है।
1. प्रमुख Abbreviations
| Abbreviation | Full Form | हिंदी अर्थ |
| BPSC | Bihar Public Service Commission | बिहार लोक सेवा आयोग |
| USGS | United States Geological Survey | संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण |
| MHA | Ministry of Home Affairs | गृह मंत्रालय |
| NDMA | National Disaster Management Authority | राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण |
| NDRF | National Disaster Response Force | राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल |
| IMD | India Meteorological Department | भारत मौसम विज्ञान विभाग |
| VEI | Volcanic Explosivity Index | ज्वालामुखीय विस्फोटकता सूचकांक |
| P-waves | Primary Waves | प्राथमिक भूकंपीय तरंगें |
| S-waves | Secondary Waves | द्वितीयक भूकंपीय तरंगें |
| L-waves | Love Waves | लव तरंगें |
| R-waves | Rayleigh Waves | रेले तरंगें |
| Moho | Mohorovičić Discontinuity | मोहो असांतत्य |
| GPS | Global Positioning System | वैश्विक स्थिति निर्धारण प्रणाली |
BPSC Tip:
VEI और P-waves/S-waves जैसे terms को विशेष रूप से याद रखें, क्योंकि ये Geography और General Science दोनों में उपयोगी हो सकते हैं।
2. ज्वालामुखी (Volcano) क्या है?
English Explanation
A volcano is a natural opening or vent in the Earth’s crust through which magma, gases, volcanic ash, and other materials are released onto the Earth’s surface.
When magma reaches the surface, it is called lava.
Thus:
Magma → Inside the Earth
Lava → Magma after reaching the Earth’s surface
Volcanic activity generally occurs because of the movement of tectonic plates, although some volcanoes can also occur away from plate boundaries due to hotspots.
हिंदी व्याख्या
ज्वालामुखी (Volcano) पृथ्वी की भूपर्पटी में स्थित एक प्राकृतिक छिद्र, दरार या मार्ग है, जिसके माध्यम से पृथ्वी के अंदर का मैग्मा, गैस, ज्वालामुखीय राख और अन्य पदार्थ सतह पर बाहर निकलते हैं।
जब मैग्मा पृथ्वी की सतह पर पहुँच जाता है, तो उसे लावा (Lava) कहा जाता है।
इसलिए याद रखें:
Magma = पृथ्वी के अंदर
Lava = सतह पर पहुँच चुका Magma
ज्वालामुखीय गतिविधियाँ मुख्य रूप से टेक्टोनिक प्लेटों की गति से संबंधित होती हैं। हालांकि कुछ ज्वालामुखी प्लेट सीमाओं से दूर भी पाए जाते हैं, जिन्हें सामान्यतः Hotspot Volcanoes से जोड़ा जाता है।
3. Volcano के भाग | Parts of a Volcano
एक सामान्य ज्वालामुखी के प्रमुख भाग निम्नलिखित हैं:
1. Magma Chamber — मैग्मा कक्ष
English: A reservoir beneath the Earth’s surface where magma accumulates.
हिंदी: पृथ्वी की सतह के नीचे स्थित वह स्थान जहाँ मैग्मा जमा होता है।
2. Conduit — नली/मुख्य मार्ग
English: The passage through which magma moves upward toward the surface.
हिंदी: वह मार्ग जिसके माध्यम से मैग्मा ऊपर की ओर सतह तक पहुँचता है।
3. Vent — ज्वालामुखीय छिद्र
English: An opening through which lava, gases, and ash are released.
हिंदी: वह छिद्र या उद्घाटन जिससे लावा, गैस और राख बाहर निकलते हैं।
4. Crater — क्रेटर/मुख
English: A bowl-shaped depression around the main volcanic vent.
हिंदी: ज्वालामुखी के मुख्य मुख के आसपास पाया जाने वाला कटोरे के आकार का गड्ढा।
5. Lava Flow — लावा प्रवाह
English: Molten rock flowing over the Earth’s surface.
हिंदी: सतह पर बहने वाला पिघला हुआ शैल पदार्थ।
6. Ash Cloud — राख का बादल
English: A cloud containing fine volcanic ash and particles released during an eruption.
हिंदी: ज्वालामुखी विस्फोट के दौरान वातावरण में फैले राख और सूक्ष्म कणों का बादल।
याद रखने की Trick:
Magma Chamber → Conduit → Vent → Crater → Lava
4. ज्वालामुखी बनने की प्रक्रिया | Formation of Volcano
English Explanation
The formation of a volcano is closely associated with processes occurring inside the Earth.
- Heat and pressure inside the Earth cause rocks to partially melt.
- The molten material forms magma.
- Because magma is generally less dense than the surrounding solid rock, it tends to rise.
- It may accumulate in a magma chamber.
- Increasing pressure can force magma through cracks and weak zones in the crust.
- When magma reaches the surface, it becomes lava.
- Repeated eruptions may build layers of lava, ash, and volcanic material, eventually forming a volcanic cone or mountain.
हिंदी व्याख्या
ज्वालामुखी का निर्माण पृथ्वी के अंदर होने वाली भूगर्भीय प्रक्रियाओं से संबंधित है।
- पृथ्वी के अंदर अत्यधिक ताप और दबाव के कारण कुछ चट्टानें आंशिक रूप से पिघल सकती हैं।
- इससे मैग्मा बनता है।
- मैग्मा आसपास की ठोस चट्टानों की तुलना में कम घनत्व वाला होने के कारण ऊपर की ओर बढ़ता है।
- यह किसी स्थान पर Magma Chamber में जमा हो सकता है।
- बढ़ते दबाव के कारण मैग्मा पृथ्वी की भूपर्पटी की दरारों और कमजोर क्षेत्रों से ऊपर की ओर जाने लगता है।
- जब मैग्मा सतह पर पहुँचता है तो इसे लावा कहा जाता है।
- बार-बार होने वाले विस्फोटों से लावा, राख और अन्य ज्वालामुखीय पदार्थ की परतें जमा होती जाती हैं और समय के साथ ज्वालामुखीय शंकु या पर्वत का निर्माण हो सकता है।
5. ज्वालामुखी के प्रकार | Types of Volcanoes
ज्वालामुखियों को कई आधारों पर वर्गीकृत किया जा सकता है। BPSC के लिए आकार/संरचना और सक्रियता के आधार पर वर्गीकरण महत्वपूर्ण है।
A. आकार एवं संरचना के आधार पर
1. Shield Volcano — शील्ड ज्वालामुखी
English:
These volcanoes have broad, gently sloping sides. They are generally formed by relatively fluid basaltic lava that can travel long distances.
हिंदी:
इन ज्वालामुखियों का आकार चौड़ा और ढलान अपेक्षाकृत कम होता है। इनका निर्माण सामान्यतः अधिक प्रवाही Basaltic Lava के फैलने से होता है।
Example: Mauna Loa, Hawaii.
2. Composite Volcano — मिश्रित ज्वालामुखी
English:
Composite volcanoes, also called stratovolcanoes, are steep-sided volcanoes built from alternating layers of lava, ash, and other volcanic materials.
हिंदी:
मिश्रित ज्वालामुखी, जिन्हें Stratovolcanoes भी कहा जाता है, लावा, राख और अन्य ज्वालामुखीय पदार्थों की अलग-अलग परतों से बने होते हैं।
Examples: Mount Fuji, Mount Vesuvius.
3. Cinder Cone Volcano — सिंडर कोन
English:
These are relatively small, steep-sided volcanic cones formed mainly from volcanic fragments such as cinders and ash.
हिंदी:
ये अपेक्षाकृत छोटे और तीव्र ढलान वाले ज्वालामुखी होते हैं, जिनका निर्माण मुख्यतः ज्वालामुखीय टुकड़ों, सिंडर और राख के जमाव से होता है।
4. Lava Dome — लावा डोम
English:
A lava dome forms when highly viscous lava accumulates near the volcanic vent instead of flowing far away.
हिंदी:
जब अत्यधिक चिपचिपा लावा ज्वालामुखी के मुख के पास ही जमा होता जाता है और अधिक दूर तक नहीं बह पाता, तो Lava Dome बन सकता है।
B. सक्रियता के आधार पर
1. Active Volcano — सक्रिय ज्वालामुखी
जिस ज्वालामुखी में वर्तमान समय में विस्फोट हो रहा हो या जिसके फिर से विस्फोट करने की संभावना हो, उसे सामान्यतः सक्रिय ज्वालामुखी कहा जाता है।
2. Dormant Volcano — सुप्त ज्वालामुखी
जो ज्वालामुखी लंबे समय से शांत है लेकिन भविष्य में फिर से सक्रिय हो सकता है, उसे सुप्त ज्वालामुखी कहा जाता है।
3. Extinct Volcano — मृत/विलुप्त ज्वालामुखी
जिस ज्वालामुखी के भविष्य में फिर से सक्रिय होने की संभावना बहुत कम या नगण्य मानी जाती है, उसे मृत या विलुप्त ज्वालामुखी कहा जाता है।
BPSC Note: Active, Dormant और Extinct की सीमाएँ हमेशा पूरी तरह निश्चित नहीं होतीं। किसी ज्वालामुखी को वर्गीकृत करते समय उसके भूगर्भीय इतिहास और उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाणों को देखा जाता है।
6. विश्व के प्रमुख ज्वालामुखी | Major Volcanoes of the World

| ज्वालामुखी | स्थान | विशेषता |
| Mount Fuji | Japan | प्रसिद्ध stratovolcano |
| Mount Vesuvius | Italy | Naples के निकट |
| Mount Etna | Italy | Sicily में स्थित |
| Mauna Loa | Hawaii, USA | विशाल shield volcano |
| Mount St. Helens | USA | प्रमुख volcanic eruption के लिए प्रसिद्ध |
| Krakatoa | Indonesia | ऐतिहासिक रूप से अत्यंत शक्तिशाली विस्फोट |
| Mount Merapi | Indonesia | अत्यधिक सक्रिय ज्वालामुखीय क्षेत्र |
| Popocatépetl | Mexico | सक्रिय stratovolcano |
Ring of Fire
प्रशांत महासागर के चारों ओर स्थित क्षेत्र में बड़ी संख्या में सक्रिय ज्वालामुखी और भूकंपीय गतिविधियाँ पाई जाती हैं। इसे Pacific Ring of Fire कहा जाता है।
Hindi:
प्रशांत महासागर के चारों ओर स्थित यह क्षेत्र ज्वालामुखीय और भूकंपीय गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध है।
BPSC Tip:
Pacific Ring of Fire = Volcanoes + Earthquakes + Plate Boundaries
7. भारत एवं ज्वालामुखी | India and Volcanoes
भारत में वर्तमान ज्वालामुखीय गतिविधि सीमित है, लेकिन देश में महत्वपूर्ण ज्वालामुखीय और प्राचीन ज्वालामुखीय क्षेत्र मौजूद हैं।
1. Barren Island — बैरन द्वीप
English:
Barren Island in the Andaman Sea is India’s only confirmed historically active volcano.
हिंदी:
अंडमान सागर में स्थित बैरन द्वीप भारत का ऐतिहासिक रूप से सक्रिय ज्वालामुखी वाला प्रमुख क्षेत्र है और इसे भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी माना जाता है।
2. Narcondam Island — नारकोंडम द्वीप
यह अंडमान क्षेत्र में स्थित एक ज्वालामुखीय द्वीप है। इसे सामान्यतः extinct/dormant volcanic system के संदर्भ में पढ़ाया जाता है; BPSC में इसे Barren Island से अलग पहचानना महत्वपूर्ण है।
3. Deccan Traps — दक्कन ट्रैप
दक्कन ट्रैप वर्तमान सक्रिय ज्वालामुखी नहीं है। यह भारत में प्राचीन विशाल बेसाल्टिक लावा प्रवाहों से निर्मित एक महत्वपूर्ण ज्वालामुखीय भू-आकृतिक क्षेत्र है।
BPSC Quick Fact:
Barren Island → Active Volcano
Deccan Traps → Ancient volcanic basalt province
8. ज्वालामुखी के लाभ एवं हानियाँ | Advantages and Disadvantages
ज्वालामुखी के लाभ
1. उपजाऊ मिट्टी
ज्वालामुखीय राख और पदार्थों के अपक्षय से कुछ क्षेत्रों में खनिजों से समृद्ध और उपजाऊ मिट्टी विकसित हो सकती है।
2. Geothermal Energy
ज्वालामुखीय क्षेत्रों में पृथ्वी की आंतरिक गर्मी का उपयोग Geothermal Energy के उत्पादन में किया जा सकता है।
3. खनिज संसाधन
कुछ ज्वालामुखीय प्रक्रियाएँ विभिन्न खनिज संसाधनों के निर्माण और सांद्रण में योगदान करती हैं।
4. नए भू-भाग का निर्माण
लावा के जमने से नए भू-भाग और द्वीपों का निर्माण हो सकता है।
5. पर्यटन
ज्वालामुखी, गर्म जलस्रोत और ज्वालामुखीय भू-दृश्य पर्यटन को बढ़ावा दे सकते हैं।
ज्वालामुखी की हानियाँ
- मानव जीवन की हानि
- घरों और infrastructure को नुकसान
- कृषि भूमि को नुकसान
- राख से वायु प्रदूषण
- उड़ानों में बाधा
- लावा प्रवाह से विनाश
- Pyroclastic flows का गंभीर खतरा
- Lahars से बाढ़ जैसी स्थिति
- कुछ बड़े विस्फोटों का क्षेत्रीय या वैश्विक जलवायु पर प्रभाव
9. भूकंप (Earthquake) क्या है?
English Explanation
An earthquake is the sudden shaking of the Earth’s surface caused by the rapid release of energy stored within the Earth’s crust or lithosphere.
Most earthquakes occur because of sudden movement along faults, often associated with tectonic plate movements.
The energy released generates seismic waves, which travel through the Earth and cause ground shaking.
हिंदी व्याख्या
भूकंप (Earthquake) पृथ्वी की भूपर्पटी या लिथोस्फीयर में संचित ऊर्जा के अचानक मुक्त होने के कारण पृथ्वी की सतह में होने वाला कंपन है।
अधिकांश भूकंप Faults (भ्रंशों) के आसपास चट्टानों के अचानक खिसकने से उत्पन्न होते हैं। यह प्रक्रिया अक्सर टेक्टोनिक प्लेटों की गति से संबंधित होती है।
भूकंप के दौरान ऊर्जा Seismic Waves (भूकंपीय तरंगों) के रूप में चारों ओर फैलती है, जिससे पृथ्वी की सतह हिलने लगती है।
Important Terms
Focus / Hypocenter:
पृथ्वी के अंदर वह बिंदु जहाँ से भूकंप की ऊर्जा का वास्तविक मुक्त होना शुरू होता है।
Epicenter:
Focus के ठीक ऊपर पृथ्वी की सतह पर स्थित बिंदु को Epicenter कहा जाता है।
याद रखें:
Focus = अंदर
Epicenter = सतह पर, Focus के ठीक ऊपर
भूकंप के कारण
प्राकृतिक कारण
1. प्लेट विवर्तनिकी
भूकंप का सबसे प्रमुख कारण।
2. ज्वालामुखीय गतिविधियाँ
विस्फोट के कारण कंपन उत्पन्न होता है।
3. भ्रंश (Faulting)
चट्टानों के टूटने से ऊर्जा मुक्त होती है।
मानवजनित कारण
- खनन
- बड़े बांध
- परमाणु परीक्षण
भूकंप की प्रमुख शब्दावली
उद्गम केंद्र (Focus/Hypocenter)
जहाँ से भूकंप की उत्पत्ति होती है।
अधिकेंद्र (Epicenter)
उद्गम केंद्र के ठीक ऊपर पृथ्वी की सतह पर स्थित बिंदु।
भूकंपीय तरंगें (Seismic Waves)
1. P-Wave (Primary Wave)
- सबसे तेज
- ठोस, द्रव और गैस में चलती है
2. S-Wave (Secondary Wave)
- केवल ठोस माध्यम में चलती है
- P-Wave से धीमी
3. L-Wave (Surface Wave)
- सबसे अधिक विनाशकारी
- पृथ्वी की सतह पर चलती है
रिक्टर स्केल (Richter Scale)
भूकंप की तीव्रता मापने की प्रणाली।
विशेषताएँ
- 1935 में विकसित
- चार्ल्स रिक्टर द्वारा
मरकेली स्केल (Mercalli Scale)
भूकंप के प्रभाव को मापता है।
भूकंप के प्रकार
1. विवर्तनिक भूकंप (Tectonic Earthquake)
सबसे सामान्य प्रकार।
2. ज्वालामुखीय भूकंप
ज्वालामुखी विस्फोट से उत्पन्न।
3. कृत्रिम भूकंप
मानव गतिविधियों के कारण।
विश्व के प्रमुख भूकंप क्षेत्र
1. प्रशांत अग्नि वलय (Pacific Ring of Fire)
विश्व के लगभग 80% भूकंप यहीं आते हैं।
प्रमुख देश
- जापान
- इंडोनेशिया
- फिलीपींस
- चिली
2. भूमध्यसागरीय-हिमालयी पेटी
India इसी क्षेत्र में स्थित है।
भारत के भूकंपीय क्षेत्र
भारत को 4 प्रमुख भूकंपीय क्षेत्रों में विभाजित किया गया है।
| Zone | खतरा |
| Zone II | कम |
| Zone III | मध्यम |
| Zone IV | अधिक |
| Zone V | अत्यधिक |
बिहार और भूकंप
बिहार भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है।
प्रमुख जिले
- सुपौल
- मधुबनी
- सीतामढ़ी
- अररिया
- किशनगंज
- दरभंगा
इनमें अधिकांश Zone IV और Zone V में आते हैं।
1934 का बिहार-नेपाल भूकंप
1934 Nepal–Bihar Earthquake
- 15 जनवरी 1934
- तीव्रता लगभग 8.1
- बिहार में भारी विनाश
- हजारों लोगों की मृत्यु
भूकंप के प्रभाव
सामाजिक प्रभाव
- जनहानि
- विस्थापन
आर्थिक प्रभाव
- भवनों का विनाश
- परिवहन बाधित
पर्यावरणीय प्रभाव
- भूस्खलन
- सुनामी
भूकंप से बचाव के उपाय
भूकंप से पहले
- मजबूत भवन निर्माण
- आपदा योजना तैयार करना
भूकंप के दौरान
- Drop, Cover and Hold
- खिड़कियों से दूर रहें
भूकंप के बाद
- गैस लाइन जांचें
- सुरक्षित स्थान पर जाएँ
Volcano vs Earthquake
| आधार | ज्वालामुखी | भूकंप |
| कारण | मैग्मा का निकलना | ऊर्जा का मुक्त होना |
| प्रभाव | लावा, राख | कंपन |
| अवधि | लंबे समय तक | कुछ सेकंड |
| पूर्व संकेत | मिल सकते हैं | कठिन |
Key Points for Exams
| भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी – Barren Island |
| P-Wave सबसे तेज होती है। |
| S-Wave द्रव माध्यम में नहीं चलती। |
| L-Wave सर्वाधिक विनाशकारी होती है। |
| रिक्टर स्केल तीव्रता मापता है। |
| मरकेली स्केल प्रभाव मापता है। |
| बिहार भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। |
| 1934 का बिहार-नेपाल भूकंप अत्यंत विनाशकारी था। |
| Pacific Ring of Fire विश्व का प्रमुख भूकंप एवं ज्वालामुखी क्षेत्र है। |
BPSC Previous Year Questions (PYQ)
Q1. भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी कहाँ स्थित है?
उत्तर: Barren Island (अंडमान एवं निकोबार)
Q2. S-Wave किस माध्यम में संचरित नहीं होती?
उत्तर: द्रव माध्यम
Q3. रिक्टर स्केल किसे मापता है?
उत्तर: भूकंप की तीव्रता
Q4. भूकंप का अधिकेंद्र क्या होता है?
उत्तर: उद्गम केंद्र के ठीक ऊपर पृथ्वी की सतह पर स्थित बिंदु।
Q5. 1934 का विनाशकारी भूकंप किन क्षेत्रों से संबंधित था?
उत्तर: बिहार एवं नेपाल
BPSC Expected Questions with Answers
Q1. Pacific Ring of Fire क्या है?
उत्तर: प्रशांत महासागर के चारों ओर स्थित वह क्षेत्र जहाँ विश्व के अधिकांश भूकंप एवं ज्वालामुखी पाए जाते हैं।
Q2. P-Wave और S-Wave में अंतर बताइए।
उत्तर:
| P-Wave | S-Wave |
| सबसे तेज | अपेक्षाकृत धीमी |
| ठोस, द्रव, गैस में चलती | केवल ठोस में चलती |
| पहले पहुँचती | बाद में पहुँचती |
Q3. बिहार के कौन-कौन से जिले उच्च भूकंपीय क्षेत्र में आते हैं?
उत्तर: मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सीतामढ़ी, दरभंगा आदि।
Q4. ज्वालामुखी के लाभ बताइए।
उत्तर:
- उपजाऊ मिट्टी
- खनिज संपदा
- भू-तापीय ऊर्जा
- पर्यटन
Q5. अधिकेंद्र एवं उद्गम केंद्र में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
उद्गम केंद्र पृथ्वी के अंदर होता है जबकि अधिकेंद्र पृथ्वी की सतह पर स्थित बिंदु होता है।
MCQs Practice Set
1. भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी कौन सा है?
A. नारकोंडम
B. बैरन द्वीप
C. फूजीयामा
D. क्राकाटोआ
उत्तर: B
2. भूकंप की तीव्रता किस स्केल से मापी जाती है?
A. मरकेली
B. सेल्सियस
C. रिक्टर
D. केल्विन
उत्तर: C
3. कौन सी तरंग सबसे पहले पहुँचती है?
A. L-Wave
B. S-Wave
C. P-Wave
D. Love Wave
उत्तर: C
4. कौन सी तरंग द्रव माध्यम में संचरित नहीं होती?
A. P-Wave
B. Surface Wave
C. Love Wave
D. S-Wave
उत्तर: D
5. Pacific Ring of Fire किससे संबंधित है?
A. मानसून
B. मरुस्थल
C. भूकंप एवं ज्वालामुखी
D. महासागरीय धाराएँ
उत्तर: C
6. 1934 का विनाशकारी भूकंप किन क्षेत्रों से जुड़ा था?
A. गुजरात
B. असम
C. बिहार-नेपाल
D. कश्मीर
उत्तर: C
7. अधिकेंद्र कहाँ स्थित होता है?
A. पृथ्वी के केंद्र में
B. पृथ्वी की सतह पर
C. महासागर में
D. वायुमंडल में
उत्तर: B
8. S-Wave किस माध्यम में चलती है?
A. गैस
B. द्रव
C. ठोस
D. प्लाज्मा
उत्तर: C
9. विश्व के लगभग 80% भूकंप कहाँ आते हैं?
A. सहारा
B. प्रशांत अग्नि वलय
C. आर्कटिक
D. अटलांटिक
उत्तर: B
10. मरकेली स्केल क्या मापता है?
A. तापमान
B. दबाव
C. प्रभाव
D. गति
उत्तर: C
One Page Revision Notes

| ज्वालामुखी = मैग्मा का पृथ्वी की सतह पर निकलना |
| लावा = सतह पर पहुँचा मैग्मा |
| भारत का सक्रिय ज्वालामुखी = Barren Island |
| P-Wave = सबसे तेज |
| S-Wave = केवल ठोस में |
| L-Wave = सबसे विनाशकारी |
| रिक्टर स्केल = तीव्रता |
| मरकेली स्केल = प्रभाव |
| Pacific Ring of Fire = 80% भूकंप |
| बिहार-नेपाल भूकंप (1934) = महत्वपूर्ण BPSC Topic |
निष्कर्ष
ज्वालामुखी और भूकंप पृथ्वी की आंतरिक शक्तियों के सबसे महत्वपूर्ण परिणाम हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में इनसे संबंधित तथ्यात्मक, अवधारणात्मक तथा विश्लेषणात्मक प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। यदि आप BPSC, Bihar SI, BSSC, UPSC, SSC या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो इस अध्याय का गहन अध्ययन आपके लिए अत्यंत उपयोगी होगा।
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